जिला लोधी क्षत्रिय राजपूत महासभा, लखनऊ समाज के संगठन, एकता और उत्थान का प्रतीक है। इसकी जड़ें 1960 के दशक में पड़ीं, जब लखनऊ के कुछ दूरदर्शी और समाजसेवी व्यक्तित्वों ने लोधी समाज को एक मंच पर लाने का संकल्प लिया।
1970 के दशक में इस संकल्प को साकार करते हुए “नगर लोधी क्षत्रिय राजपूत महासभा, लखनऊ” की स्थापना हुई।
महासभा के प्रथम अध्यक्ष एडवोकेट भाईलाल लोधी जी (अहिवरन पुर) और मंत्री एडवोकेट सुंदरलाल लोधी जी (पुरनिया) थे।
इन महानुभावों ने लखनऊ में सामाजिक एकता और जागरूकता की मजबूत नींव रखी।
हमारा उद्देश्य
महासभा का मुख्य उद्देश्य है —
- लोधी समाज को एकजुट करना और उसकी ऐतिहासिक विरासत को सहेजना।
- समाज के हर वर्ग में शिक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना।
समाज के उन गुमनाम नायकों की पहचान कर उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुँचाना।
समर्पण
यह कार्य और यह पुस्तक उन सभी अग्रदूतों को समर्पित है —
विशेष रूप से आदरणीय श्रीकृष्ण लोधी जी, श्री राम वर्मा जी, और एडवोकेट नीमानंदन लोधी जी —
जिन्होंने संगठन की नींव को मजबूत किया और हमें सामाजिक चेतना का मार्ग दिखाया।
“यह अध्याय केवल अतीत की चर्चा नहीं है — यह एक विचार यात्रा है, एक स्मृति संकल्प है,
जो बताता है कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए अपने इतिहास को जानना और सहेजना आवश्यक है।”